केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष ने आगे की जांच के लिए उनकी पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की। जेएमएफसी ए. एम. विभूते की अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की वकील अधिवक्ता राजश्री वीरकुड ने दलील दी कि जांच के दौरान सिया गोयल के घर से करीब एक साल पुराना मोबाइल फोन बरामद हुआ है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी के मौजूदा मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया गया है, लेकिन कई चैट में कथित तौर पर कोड वर्ड और निकनेम का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी गहन जांच और आरोपियों से पूछताछ आवश्यक है।
सरकारी वकील ने क्या कहा?
सरकारी वकील अधिवक्ता विपुल दुशिंग ने अदालत को बताया कि पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग के समर्थन में पांच आधार अदालत के समक्ष रखे हैं। अभियोजन का कहना था कि कथित कोड भाषा में हुई बातचीत का अर्थ समझने और आरोपियों से बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी केवल नए सबूत तलाशने की उम्मीद में "फिशिंग इन्क्वायरी" कर रही है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि 12 दिनों की पुलिस हिरासत के बाद बिना किसी ठोस और विशेष आधार के आगे की रिमांड नहीं मांगी जा सकती।
सिया और चेतन को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि चैट में कथित कोड नेम और निकनेम के आधार पर आरोपियों से ऐसा स्पष्टीकरण मांगना, जो उन्हें स्वयं के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर करे, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20 के तहत उपलब्ध सुरक्षा के विपरीत है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने दोहराया कि आगे की पुलिस हिरासत जांच में सीधे तौर पर सहायक होगी और लंबित जांच पूरी करने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बता दें कि पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले में हत्या की गई थी और इस हत्या का आरोप उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन पर लगा है। दोनों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
(पुणे से समीर की रिपोर्ट)
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